मसूरी
प्रकृति के चितेरे कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल हिंदी का कालिदास और अंग्रेजी कीट्स माना जाता है। हिमवंत कवि ने प्रकृति के विभिन्न उपादानों का सांगोपांग वर्णन किया। और हिंदी काव्य संसार को मात्र 28 वर्ष की अल्पायु में विराट साहित्य छोड़कर चले गए। हिंदी के महान आलोचक डा नामवर सिंह ने उन्हें संभावना का कवि बताया। और कहा कि चंद्रकुंवर कुछ और ंिजंदा रहते तो हिंदी साहित्य को और अधिक अमूल्य निधि सौंप कर जाते।
चंद्रकुंवरबर्त्वाल शोध संस्थान के तत्वावधान में श्रद्वांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मालरोड स्थित कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा पर उनकी जयंती पर नगर के विभिन्न सामाजिक संगठन, साहित्य प्रेमियों, हिमवंत काव्य प्रेमियों और पत्रकारों ने भावभीनी श्रद्वांजलि दी। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि चंद्रकुंवर बत्र्वाल ने उत्तराखंड पहाड, हिमनद, झरने और हिमालय के नैसर्गिक सौंदर्य का अनुपम वर्णन अपनी कविताओं के माध्यम से कर अमर हो गए। उन्होंने कहा कि मालरोड स्थित उनकी प्रतिमा का सौदर्यकरण किया जाएगा। और कवि की कविताओं संकलन के लिए एक लघु पुस्तकालय व वाचनालय का निर्माण कराया जाएगा।
चंद्रकुंवर बत्र्वाल शोध संस्थान मूसरी के अध्यक्ष शूरवीर सिंह भंडारी ने कहा कि हिमवंत कवि बत्र्वाल के कविता संसार को जन जन तक पहुंचाने के साथ ही उनकी कविताओं पर शोध करने वाले शोधार्थियों के लिए साहित्य उपलब्ध कराने और समाज में हिमवंत कविताओं के संरक्षण और संबद्र्वन का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बत्र्वाल ने बहुत कम उम्र में इतनी कविताएं हिंदी संसार को दी है। कवि ने आम जनजीवन से लेकर नागाधिराज हिमालय के सौंदर्य को अपनी कविताआंे मंे श्रृंगार प्रदान किया है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि चंद्रकुंवर बत्र्वाल संभावनाओं के कवि थें। भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि नगर में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के ऐसे कार्यक्रम होने आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चंद्रकुंवर बत्र्वाल समेत अन्य साहित्यकारों की स्मृति और रचना संसार को संरक्षित रखने के प्रयास किए जाना चाहिए। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, कांग्रेस शहर कांगं्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष देवी प्रसाद गोदियाल, एमपीजी कालेज के प्राचार्य डा सुनील पंवार, फिल्म निर्देशक लेखक प्रदीप भंडारी, पालिका सभासद विशाल खरोला, पूर्व सभासद दर्शन सिंह रावत, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष जसोदा शर्मा, अनीता सक्सेना, रमेश नौटियाल, संस्थान के सचिव नरेंद्र पडियार, अनीता धनाई, दर्शनी सेमवाल, राजीव अग्रवाल, सुनील रतूडी, सुरेंद्र राणा, श्रीपति कंडारी, सुरेश गोयल, राजेंद्र ंिसह कंडारी, अरविंद सोनकर, चांद खान, तनमीत खलासा, संस्कृति कर्मी राजेंद्र सिंह रावत, देवेंद्र बत्र्वाल नगर के पत्रकार, साहित्यकार और रंगकर्मियों ने कवि बत्र्वाल को पुष्पांजलि अर्पित की।
