नरेंद्रनगर
50 वें सिद्ध पीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला 2026 के उद्घाटन अवसर पर स्कूल, कॉलेजों की झांकी प्रदर्शनी में धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर ने “आदि शक्ति से नारी शक्ति” विषय पर उत्तराखंड की प्रेरणादाई नारी शक्ति की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की है। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले उद्घाटन किया। इस मौके पर काबीना मंत्री सुबोध उनियाल के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

मेले में विशाल जन- समुदाय, स्कूली छात्र-छात्राएं के अलावा जिला एवं स्थानीय प्रशासन विशेष तौर पर उपस्थित रहा।
बताते चलें कि उच्च वर्ग के अंतर्गत महाविद्यालय ने झांकी की प्रस्तुतीकरण में आदि शक्ति की ब्रह्मांड स्तरीय व्यापकता को नारी शक्ति से जोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। झांकी में महाविद्यालय ने उत्तराखंड की 9 ख्याति प्राप्त नारी शक्तियों को उनकी रूप सजा और वस्त्र सजा के आधार पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया है, जिससे आम आदमी को उनके इतिहास और नारी शक्ति के द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को जानने और समझने का मौका मिल सके।
झांकी में 17वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में पंवार वंशीय शासिका रानी कर्णावती को नीति कुशल एवं शौर्य के रूप में मुगल सेना के ‘नाक काटने वाली’बहादुर रानी के रूप में प्रदर्शित किया गया है। वही 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अपूर्व शौर्य,संकल्प और साहस की वीरगाथा के विश्व स्तरीय ख्याति प्राप्त तीलू रौतेली को प्रदर्शित किया गया है।
झांकी के अन्य पात्रों में उत्तराखंड की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी विशनी देवी शाह, ‘चिपको वूमेन’ के नाम पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गौरा देवी, शराब विरोधी आंदोलन और स्त्री शिक्षा के लिए बेमिसाल कार्य करने वाली साध्वी ‘टिंचरी माई’ तथा उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में वर्ष 1994 के मसूरी गोली कांड में अपने प्राणों की आहुति देने वाली बेलमती चौहान को दिखाया गया है।
झांकी के अन्य नारी पात्रों में उत्तराखंड की प्रसिद्ध प्रथम वीरगाथा एवं जागर गायिका बसंती बिष्ट भारत की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता शैलपुत्री बछन्द्री पाल तथा प्रसिद्ध कथाकार एवं उपन्यास कर गौरापंत शिवानी को प्रदर्शित किया गया है।
बहुआयामी नारी व्यक्तित्वों की प्रस्तुति से दर्शकों को एक और जहां अपने इतिहास की जानकारी ज्ञात हुई, वहीं दूसरी ओर नारी के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित मानदंडों से उसकी असीम शक्ति का प्रत्यक्षीकरण हुआ है। वास्तव में महाविद्यालय की यह झांकी “आदि शक्ति से नारीशक्ति”के शीर्षक को चरितार्थ करती है।
महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति ने इस गौरवशाली इतिहास को फोटो फ्रेम में एक स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, वन मंत्री सुबोध उनियाल मेले के संस्थापक पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती एवं नगर पालिका परिषद नरेंद्र नगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार को भेंट किया है।
स्मृति चिन्ह भेंट करने वालों में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विजय सिंह नेगी, सांस्कृतिक समिति की संयोजक डॉ आशा डोभाल ,सदस्य डॉ विक्रम सिंह बर्त्वाल एवं डॉ हरिश्चंद्र रतूड़ी शामिल रहे। इससे पूर्व कॉलेज के समस्त कार्मिक एवं छात्र-छात्राएं झांकी की प्रस्तुति के लिए सक्रिय रूप से सहभागी बने रहे।
