आर्य समाज मसूरी के त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव में आध्यत्म की ज्ञान गंगा बही
मसूरी आर्य समाज मसूरी के त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन आर्य उपदेशक डॉ. वीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सुखी व्यक्ति के प्रति मित्रता, दुःखी व्यक्ति के प्रति करुणा, विद्वान आचार्यों एवं धर्मात्मा लोगों के प्रति प्रसन्नता अर्थात् मुदिता तथा दुष्ट एवं नीच व्यक्ति के प्रति उपेक्षा का भाव रखना चाहिए। इन चारों भावों को मन […]
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