मुख्यमंत्री के नेतृत्व में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से प्रदेशभर में प्रभावी सुशासन की मिसाल

CM Pushkar Singh Dhami उत्तराखंड राजनीति
देहरादून 02 फरवरी,
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जनदृजन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुनवाई का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।दिनांक 02 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 548 जनसेवा शिविर (कैंप) आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की भागीदारी और विश्वास में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।

अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ
इस जनोन्मुखी पहल के अंतर्गत अब तक कुल 4,33,581 नागरिकों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से केवल आज ही 5,398 लोगों ने कैंपों में पंजीकरण कराया। यह आंकड़ा प्रदेश की जनता के सरकार पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष बल देते हुए अब तक कुल 42,594 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। वहीं 28,721 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया गया कि कैंपों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले। अब तक-61,054 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
2,37,950 लोगों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुँचाया गया।

यह अभियान विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है, जहाँ पहले सरकारी सेवाओं तक पहुँचना कठिन था।

सुशासन की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। “जनदृजन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें संवाद, समाधान और संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है।प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में भी इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड को सुशासन, सेवा और संवेदनशीलता का आदर्श राज्य बनाया जा सके।

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