अटल नवाचार (इनोवेशन)  मिशन ने देश भर में अपनी तरह का पहला ‘दो माह अवधि वाला एटीएल टिंकरप्रेन्योर प्रशिक्षण शिविर (बूटकैंप’) सफलतापूर्वक पूरा किया

उत्तराखंड देश
 देहरादून

नीति आयोग के अटल नवाचार (इनोवेशन) मिशन (एआईएम)  ने देश भर में आयोजित अपनी तरह के पहले  दो माह की अवधि के डिजिटल कौशल और एक विशेष उद्यमिता एटीएल  टिंकरप्रेन्योर ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर (समर बूटकैंप) को सफलतापुर्वक पूरा कर लिया है ।

देश भर  में 10वीं कक्षा तक (हाई स्कूल) के छात्रों के लिए तैयार  किए गए इस  ‘एटीएल टिंकरप्रेन्योर’ में रिकार्डतोड़ संख्या में  32 राज्यों और 298 जिलों के  9000+ प्रतिभागियों (जिसमे 4000 से अधिक लड़कियां थीं) ने सहभागिता की।

इस प्रशिक्षण शिविर – बूटकैंप में 820 एटीएल की भागीदारी देखी गईI  इस दौरान 50 से अधिक  सीधे  विशेषज्ञ वक्ता सत्रों का आयोजन किया गया  जिन्हें 4.5 लाख से अधिक बार देखा गया और 30 से अधिक  डिजिटल एवं  उद्यमशीलता के कौशल सिखाए  गए।

‘टिंकरप्रेन्योर’ – ‘छात्रों को अपने घरों में आराम से निर्माण करने  (ढलाई) का कौशल सीखने  और इस गर्मी के मौसम  में एक उद्यमी बनने में सक्षम बनाने’ के  वाक्यांश से लिया गया नाम  हैI यह प्रशिक्षण शिविर छात्रों के बीच कुछ अनूठा करने की मानसिकता विकसित करने पर केंद्रित था ।

31 मई 2021 से 1 अगस्त 2021 तक 9 सप्ताह की अवधि वाले इस, ‘एटीएल टिंकरप्रेन्योर’ ने प्रतिभागियों को एक व्यावसायिक विचार विकसित करने और एक अपने लिए नया उद्यम स्थापित करने के लिए एक एक छोर से दूसरे छोर (एंड-टू-एंड) तक जाने की  रणनीति बनाने में सक्षम बनाया। इस बूटकैंप के दौरान  प्रतिभागियों ने उद्योग विशेषज्ञों के सामने आवश्यक डिजिटल कौशल सीखाI एक डिजिटल उत्पाद के आसपास एक व्यवसाय मॉडल बनाकर उसे विकसित किया विपणन की एक योजना तैयार कीI  एक ऑनलाइन स्टोर विकसित / स्थापित कियाI व्यवसाय के लिए  वित्त की व्यवस्था करना  सीखा और इसे अपने पिच डेक के माध्यम से इसे प्रस्तुत करके पूरा भी किया।

छात्रों को उनके एटीएल प्रभारी के साथ परिवर्तन के संरक्षकों /परामर्शदाताओं (मेंटर्स-ऑफ-चेंज) समेत  छोटे समूहों में वर्गीकृत   किया गया था। शिविर के लिए पंजीकृत सभी प्रतिभागियों को अपने स्वयं के डिजिटल उत्पाद और उद्यम बनाने के लिए सशक्त बनाने हेतु  डिजिटल और उद्यमशीलता युक्त  तैयार  शिक्षा संसाधनों,  स्वयम का कार्य करने के लिए विषय, सरल कार्य दिए जाने आदि के भंडार तक पहुंच उपलब्ध कराई  ग़ई।

समापन सत्र के दौरान एक व्यावहारिक और अभिनव मानसिकता विकसित करने पर जोर देते हुए,  नीति आयोग में अटल नवाचार मिशन (एआईएम) के  निदेशक डॉ चिंतन वैष्णव ने कहा कि “यह समूचा  प्रशिक्षण शिविर (बूटकैंप) को एक अभिनव मानसिकता पैदा करने के साथ-साथ छात्रों को कम अवधि में  अपने उद्यमों में असफलता के बावजूद निरंतर प्रयास करने की भावना  कोई एक उद्यम शुरू करने  में मदद करने के लिए तैयार  किया गया था। हम चाहते थे कि सभी प्रतिभागी  किसी समाधान तक पहुंचने  के साथ-साथ इसके आसपास के व्यवसाय का  भी ही  वैसा अनुभव लें जैसा उन्होंने इस दौरान इन कौशलों को स्वयं ‘कर’ करके सीखा हैI हम उम्मीद करते हैं कि यहां सीखी हुई बातें जीवन भर उनके साथ रहेंगी।”

प्रशिक्षण शिविर (बूटकैंप) के आभासी समापन (वर्चुअल फिनाले) सत्र के दौरान बोलते हुए, इंफोसिस के संस्थापक श्री नारायण मूर्ति ने कहा, “एक नेता को लोगों को आपस में बांटने वाला न होकर नहीं उन्हें आपस में जोड़ने वाला होना चाहिए। एक नेता की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अपने आसपास के लोगों और अपनी टीम के साथियों की आकांक्षा, आत्मविश्वास, ऊर्जा और उत्साह को बढ़ाना है। एक नेता वह सब करना चाहिए जो उसकी उपस्थिति में अपने साथ आए व्यक्तियों को भी गौरवान्वित और बड़ा होने का अनुभव करवा  सके। ”

 

उन्होंने युवा नवोन्मेषकों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि “यदि आप एक नेता बनते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास आने वाले लोग आप पर अधिक विश्वास करने के बाद ही वापिस लौटें। उसका मुख्य काम एक ऐसी  दूर दृष्टि तैयार करना है जो आकांक्षी हो और व्यक्तिगत रूप से क्षेत्र, धर्म, जाति और आर्थिक विभीन्ताओं  से ऊपर जाती  हो। किसी भी  नेता को कुछ ऐसा  सोचना होता  है जिसके बारे में किसी ने अभी तक कल्पना भी न की होI और इस दिशा में जाने  के लिए बहुत बड़े  त्याग, कड़ी मेहनत, अनुशासन, धैर्य के साथ संतुष्टि, आत्मविश्वास, आशा और उत्साह की आवश्यकता होती है। ऐसे गुण लोगों में तब ही  आते हैं जब उसके  अनुयायी अपने नेता पर भरोसा करते हैं।”

इस शिविर के दौरान  प्रतिभागियों ने 650 से अधिक  सलाहकारों (जिनमें 180 से अधिक  महिला सलाहकार थीं) के ज्ञान और उनकी व्यावहारिक भागीदारी का लाभ उठायाI अपने उद्यमों में इस जानकारी का प्रयोग  किया और अपने उसके बाद आवश्यक  सुधार  भी किया।  उद्योग जगत के गणमान्य नेताओं के अनुभवों की जानकारी  के साथ ही  6 क्षेत्रीय भाषाओं (हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़) में अतिथि वक्ताओं के  नियमित सत्रों ने  एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया  जिससे प्रतिभागी छात्रों को उद्यमिता के साथ-साथ पूरे देश के अपने साथी नवप्रवर्तकों के साथ जानकारियों को साझा  करने का अवसर भी उपलब्ध हुआ।

अपने हिसाब से सीखने के लिए 9-सप्ताह की सामग्री के साथ एक विशेष टिंकरप्रेन्योर वेब पोर्टल भी बनाया गया था। इस पोर्टल ने छात्रों को पहेलियों (क्विज़) और उन्हें दिए  गए कार्यों  को  निर्धारित रूप में जमा करने में भी सक्षम बनाया और उनके संरक्षकों/ परामर्शदाताओं को प्रतिभागी छात्रों के कार्यों (असाइनमेंट) की समीक्षा करने और अपनी प्रतिक्रिया को साझा करने में भी सक्षम बनाया।

 

Spread the love