22 जून से पहले दुकानें खोलने के आदेश नही किये तो व्यापारी मसूरी से पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे

जन समस्या मसूरी

मसूरी

मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने एसडीएम के माध्यम से  मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मांग की है कि अगर 22 जून सेपहले दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी तो व्यापारी 22 जून को मसूरी से पैदल मुख्यंत्री आवास का घेराव करेंगे,साथ ही  23जून को शहीद स्थल पर उपवास रखा जायेगा व 24 जून को गांधी चौक पर धरना देंगे
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि पिछले साल से लॉकडाउन के बाद से  कोरोना कर्फ्यू में लगातार बाजार बंद होने से व्यापारियों की आर्थिक हालत ख़राब है, परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित है। व्यापारियों द्वारा प्रशासन से समय समय पर अनेक रियायतों के लिये निवेदन किया गया, परंतु ना तो इन मांगों पर ध्यान दिया गया और ना ही व्यापारियों को बात चीत करने के लिये बुलाया गया। बाजार बंद करने से व्यापारियों के सामने किराया, भरणपोषण और बिजली पानी व कर्मचारियों के वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के सामान्य होने पर अब सभी दुकानों को खोले जाने की मांग है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि सरकार अगर 22 जून 2021 से दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी गयी तो आक्रोशित व्यापारी क्रमवार संघर्ष व आन्दोलन करेंगे। मसूरी टेªडर्स एंड वेलफेयर ऐसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि सरकार से मांग है कि व्यापारियों का उत्पीडन बन्द करो, हफ्ते में प्रत्येक दिन सभी दुकानें खुलने दो, पानी बिजली के बिल माफ करो, दुकानदारों के ऋण का ब्याज माफ करो, लॉकडाउन अवधी में व्यापारियों के नुकसान की आर्थिक भरपाई हो, व्यापारियों के कर्मचारियों का वेतन दो, पालिका अपनी दुकानों का किराया माफ करे, पर्यटक स्थल मसूरी झील, कंपनी गार्डन, गन हिल खोलनेे की अनुमति दी जाय, हाउस टैक्स माफ करो, पालिका अस्सेमेंट कम करे, पालिका म्यूटेशन फीस कम करे, व्यापारियों व उनके कर्मचारियों का टीकाकरण प्राथमिकता पर किया जाय, होटल व होम स्टे की लॉजिंग फीस माफ करो, व्यापारियों को आर्थिक पैकेज दो, मजदूर, रिक्शा चालक, टैक्सी चालक को आर्थिक पैकेज दो।

ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रजत अग्रवाल, महामंत्री जगजीत कुकरेजा व कोषाध्यक्ष नागेंद्र उनियाल, सतीश जुनेजा, मनोज अग्रवाल, अनंत प्रकाश, राजकुमार, सलीम, रियाज, राजेश शर्मा, शिव अरोड़ा, वीरेंद्र रावत, धनपाल रावत सहित व्यापारी थे।

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