राज्य स्थापना दिवस पर शहीद स्थल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने रंग बिखेरे

उत्तराखंड मनोरंजन मसूरी

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उत्तराखण्ड राज्य के 21 वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद स्थल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें लोक कलाकारों ने लोक संस्कृति के खूब रंग बिखेरे। इस मौके पर ढ़ोल जागर सम्राट पदम गुसांई ने ढ़ोल सागर की अनेक नौबत व ताल का वादन कर जन समूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शहीद स्थल पर राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य आन्दोलन में योगदान के लिए पत्रकार स्वः हरि सिंह गुनसोला की धर्मपत्नी बीना गुनसोला एवं ढ़ोल सागर जगार पंवाड़ों को आगे बढ़ाने के लिए ढ़ोल जागर सम्राट पदम गुसांई को शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व माँ सुरकण्डा की डोली शहीद स्थल प्रांगण में निकली, श्रद्धालुओं ने मां का आश्रीवाद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों शुभारंभ पदम गुसाई एवं रवि गुसाॅई की जोड़ी द्वारा ढ़ोल दमों वादन करते हुए केदारनाथ की धुंयाल स्तुति ’उॅचा कैलाश मां रैंदु बाबा, हे देवी सुरकण्डा लै मां घौर छै बौण तथा घण्डियाल देवता का गीत गाकर की गई। गायिका प्रेरणा भण्डारी ने ‘एजी मेरा मैत मां जात्रा च ऐंसू, और रामरो भयो धन्यों आदि गीत गाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया गया। गढ़वाली फ़िल्म निर्देशक प्रदीप भण्डारी के निर्देशन संगीत कार समित गुसांई व विकास चमोली ने मधुर संगीत से संस्कृति प्रेमियों का दिल जीता। वहीं सूरज जोशी, आशीष गुसांई, संगीता गुसांई ने शानदार नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में  कमल भण्डारी,  देवेश्वर प्रसाद जोशी,  आर पी बडोनी, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा पड़ियार, वरिष्ठ संस्कृति कर्मी प्रमिला पंवार, कमलेश भण्डारी, वीना गुनसोला, अनिल नौटियाल, राकेश पंवार, वीरेन्द्र राणा, आदि मौजूद रहे।

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