गांव से लेकर जंगल तक गुलदार का आतंक, दर्जनों मवेशियों को बनाया निवाला

उत्तराखंड

मसूरी

मसूरी के समीपी जौनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बंगसील में आये दिन गुलदार के आतंक से ग्रामीणों में भय ब्याप्त है गांव से लेकर जंगल तक मवेशियों को चुंगाना लोगों को भारी पड़ता जा रहा है। गुलदार ने अभी तक एक दर्जन से अधिक मवेशियों को अपना निवाला बनाया। ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
जौनपुर क्षेत्र के ग्राम बंगसील में गुलदार के आतंक ने लोगों की दिन का चैन व रात की नींद हराम कर दी है। क्षेत्र में गुलदार का आतंक इस कदर व्याप्त है कि ग्रामीणों की देख रेख के उपरांत भी पालतू मवेशियों को बचा पाना टेढ़ी खीर साबित होती जा रही है। गुलदार ने तकरीबन दर्जनभर पालतू मवेशियों को मौत के घाट उतार कर निवाला बनाया जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है। ग्राम प्रधान जयदेव गौड़, वन पंचायत सरपंच चंद्र सिंह रावत, महाबीर, मीजान, महिपाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि विगत सप्ताह से गुलदार ने हर रोज एक दो मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है गांव के आस पास के खेतों से लेकर नजदीकी जंगल मे गुलदार का आतंक इस कदर है कि ग्रामीणों के सामने व शोर शराबा करने के उपरांत भी गुलदार मवेशियों को झपट रहा है। आतंक का पर्याय बन चुके गुलदार से ग्रामीणों को अपनी जान माल का खतरा बन चुका है, उन्होंने बताया कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई कार्यवाही नही की गई जबकि ग्रामीणों को प्रत्येक दिन पालतू मवेशियों का भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। वही लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि बाघों के सरक्षंण के लिए करोड़ो रुपया खर्च करने वाली सरकारें ग्रामीणों की जान मॉल व उनके पालतू मवेशियों के नुकसान पर मुआवजा देने को लेकर ऐसा पेंच फंसा देती कि लाचार ग्रामीण बेवश होकर हाथ पर धरे रह जाता है। उन्होंने बताया कि गांव के शूरवीर सिंह, गजेंद्र सिंह, हुकम सिंह, सोबन सिंह, सूर्यमणी गौड़, प्रेम सिंह राणा की एक, एक गाय जबकि घनश्याम गौड़, व जयेन्द्र सिंह पंवार के एक, एक बैल को गुलदार ने निवाला बनाया है। ग्रामीणों ने राज्य सरकार व विभाग से गुलदार द्वारा किये गये नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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