नगरपालिका मसूरी के विभिन्न कार्यो को लेकर की गई शिकायतों की जांचों पर नैनीताल हाईकोट की रोक

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नगरपालिका मसूरी के विभिन्न कार्यो को लेकर की गई शिकायतों की जांचों पर नैनीताल हाईकोट की रोक, सिंगल बैंच के फैसले पर स्थगनादेश कर शासन से चार सप्ताह के भीतर काउंटर दाखिल करने को कहा
मसूरी
नगरपालिका परिषद में विभिन्न कार्यो की गुणवत्ता और कथित रूप से नियम विरू़द्व हो रहे कामों की शिकायत की जांच पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने रोक लगा दी है। बताते चले कि कमिश्नर, जिला अधिकारी से लेकर अन्य स्तरों पर चल रही जांच पर नैनीताल हाईकोर्ट की डबल बैंच ने रोक लगा दी है। जिस पर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने जारी एक बयान में कहा कि शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ललित मोहन काला ने विकास कार्यो को अवरूद्व करने की मंशा से शिकायतें की थी। इन शिकायतों के जबाव में उनके द्वारा उच्च न्यायालय में अपील की गई। डबल बैंच ने शिकायतों पर हो रही तमाम जांच पर रोक लगा दी है। पालिकाध्यक्ष अनुुज गुप्ता ने कहा कि नगरपालिका परिषद मसूरी के विकास कार्यों के सम्बन्ध में हुसैन गंज निवासी पूर्व प्रधानाचार्य ललित मोहन काला एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा समय-समय पर की गयी आधार हीन व तथ्यहीन शिकायतों पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। नगर पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि नगर पालिका परिषद के विकास कार्यों पर समय समय पर राजनैतिक द्वेष के चलते पूर्व प्रधानाचार्य ललित मोहन काला एवं अन्य लोगों ने शासन प्रशासन में कई आधारहीन एवंत तथ्यहीन शिकायतें की। जिसमें शासन प्रशासन की ओर से विभिन्न जॉचें गठित की गयी थी। इसके कारण अनावश्यक रूप से पालिका का कार्य बाधित हुआ तथा साथ ही समय की भी बर्बादी हुई। उन्हांेने कहा कि समय-समय पर की जा रही इन आधारहीन, तथ्यहीन एवं राजनैतिक द्वेष से ओत प्रोत शिकायतों के क्रम में उनके द्वारा नैनीताल उच्च न्यायालय में वाद दायर किया गया था। जिसमें उच्च न्यायालय नैनीताल उत्तराखंड ने नौ अगस्त को दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने विषयान्तर्गत जाँच के क्रम में शासन द्वारा पारित आदेश दिनांक 11जून, 14 जून एवं 19 जून तथा 8 जुलाई, 2021 पर रोक लगा दी गयी है। पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने जारी प्रेस बयान में कहा कि शहर के कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि एक युवा नगरपालिका परिषद मसूरी का अध्यक्ष बना है। उसके द्वारा जनहित में इतने कम समय में कई परियोजनाएं चलाई जा रही है, जिस कारण राजनैतिक प्रतिद्वन्दियों का राजनैतिक जीवन खतरे में होता नजर आ रहा है। जिससे बौखलाकर उन्हांेने शिकायतें करवााई । उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध कितनी भी राजनैतिक साजिशें विरोधी करें, लेकिन जीत हमेशा सच की होगी। उन्हांेने कहा कि मसूरी शहर का विकास मेरी प्राथमिकता है। इसके लिए कोई कितना भी परेशान करे, आरोप लगाये व जांचे करवाये मैं उनसे डरने वाला नही हूं तथा मसूरी के विकास का जो संकल्प लिया है उसके प्रति कटिबद्ध हूं। उधर दूसरी और शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य ललित मोहन काला का कहना है कि उच्च न्यायालय की डबल बैंच ने शिकायतों की जांच पर रोक लगाई है। और शासन से चार सप्ताह में कांउटर दाखिल करने को कहा है। उनका कहना है कि शिकायतों पर कमिश्नर से लेकर डीएम जांच कर चुके हंै। इसमें फैसला आना बाकी है। उच्च न्यायालय की एकलपीठ के फैसले पर स्थगनादेश जारी किया है।

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