पहाड़ों की रानी से रूठ गई बर्फवारी, आते-आते लौटी, छोड़ गई कड़ाके की ठंड

उत्तराखंड मसूरी

मसूरी

पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार मौसम खराब होने से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। वहीं दोपहर बाद पहले हल्की बारिश व उसके बाद ओले गिरें। बर्फ की फुहारें गिरी मगर टिक न सकी। और पर्यटन नगरी को छूकर फुर्र हो गई बर्फ। आखिर क्यों रूठ रही है बर्फ। राजनीतिक गरमाहट बर्फ को भी पसंद नही है। सफेद चादर बिछने को राजी नही। हालांकि उंचाई वाले लाल टिब्बा और नागटिब्बा की पहाड़ियों पर बर्फ गिरी। मगर मालरोड और बाजार से रूठ कर चली गई।
पर्यटन नगरी में कड़ाके की सर्दी से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सुबह से ही आसमान मे घने बादल छाये रहने से बारिश की संभावना बनी रही लेकिन दोपहर बाद हल्की बारिश के बाद बजरी पड़नी शुरू हो गई व देखते ही देखते लंढौर, मलिंगार, लाल टिब्बा आदि क्षेत्र में ओले बर्फ की तरह छतों व सड़कों पर जम गई। जिसके बाद ठंड और बढ़ गई। बाद में बजरी पड़नी बंद हुई तो बीच बीच में हल्की बारिश के साथ बजरी पड़ती रही। कड़ाके की सर्दी होने से लोगों को अलाव व हीटर के सहारे दिन जी रहे है। वहीं बाजारों से भी रौनक गायब है। ठंड का प्रकोप बढ़ने लोग घरों की चारदीवारी में कैद हो गए है। अलबत्ता इन दिनों सैलानियों का टोेटा भी हो गया है। बस राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। पार्टियों के प्रत्याषियों की सूची जारी होने से कड़ाके की ठंड में भी लोग खूब किस्सागोई और कार्नर मीटिंग में मश गू  ल दिखाई दे रहे है। चुनावबाजों को ठंड भी रास आ रही है। लेकिन बर्फ मुंह मोड़कर चली गई है।

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