देवभूमि में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में उमड़े लोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, देवभूमि से मिलती है ऊर्जा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने देहरादून कैंट स्थित सभा स्थल तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो कई मायनों में खास रहा, क्योंकि बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे लंबा रोड शो है।
रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे। “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हर कोई प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्सुक नजर आया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जनता के इस अपार प्रेम और समर्थन से वे बेहद प्रसन्न और उत्साहित दिखाई दिए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है, और वे इस बार भी उत्तराखंड से नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रोड शो में उमड़े जन सैलाब और लोगों के प्यार पर आभार जताया । उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का प्यार देखते हुए वह तेजी से वाहन चलवाकर जनसभा में नहीं पहुंच पाए । लोगों का अभिवादन करने के लिए उनके वाहन को हल्के हल्के चलाया गया और इस कारण जनसभा में पहुंचने में एक घंटे से अधिक का विलंब हो गया। इसके लिए उन्होंने जनसभा में उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी ।
यह भव्य रोड शो न केवल इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की जनता और प्रधानमंत्री के बीच गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करता है।
अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत : मुख्यमंत्री
*राज्य में विकास की सौगात लेकर आता प्रधानमंत्री का दौरा*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ “विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन “अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत”, “अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत”, “अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत” कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।

