चिन्यालीसौड़ का लाल अमन रमोला (बंधाणगांव) बना इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट

उत्तराखंड देहरादून
उत्तरकाशी
जब हौंसला और लक्ष्य तय हो तो मुकाम मिल ही जाता है और एसा ही कर दिखाया अमन ने
चिन्यालीसौड़ और गंगा घाटी के लिए शनिवार का दिन गौरव का दिन रहा उसके माटी के लाल ने घाटी का सम्मान बढाया  कि उसका बेटा अमन रमोला (बंधाणगांव)इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बना. अमन और उसके परिजनों को बधाई देने के खूब सन्देश आ रहे है ,अध्यापक पिता राकेश रमोला की अचानक मृत्यु हो गई थी तो मां अध्यापिका यशोदा देवी और अमन ने हौसला नहीं तोड़ा। एनडीए में चयन से पहले वह आईआईटी जेईई में उत्तीर्ण हो गए थे, 3 माह रुड़की में भी रहे. लेकिन उनके दिल में इस मातृ भूमि के लिए कुछ करने का जज़्बा था, वह सिविलियन जॉब पसंद न कर एनडीए में रुचि दिखा कर चले गए। ज्यादातर युवा सिविल जॉब को प्राथमिकता देते हैं। उनके दादा  दिल चंद रमोला भी हेड मास्टर रहे हैं। उनके लिये भी आज बड़ा दिन था.उनकी निरंतर बूढ़ी हो रही आँखे खुशी देखने का इंतजार कर रही थी.
अमन चिन्यालीसौड़ और आसपास क्षेत्रों के युवाओं के लिए एक उदाहरण बन गया हैं कि यदि आपके पिता का साया न भी रहे, तो आप हौसले के साथ पढ़ सकते हैं आगे बढ़ सकते हैं लक्ष्य को भेद सकते हैं. हाई स्कूल तक की पढ़ाई लेफ्टिनेंट अमन ने चिन्यालीसौड़ के उन स्कूल से की जहां सभी पढ़ रहे हैं. 22 साल के अमन को उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं। ऐसे ही प्रतिभाएं सेना में आगे चल कर मेजर जनरल और लेफ्टिनेंट जनरल बनते हैं. देश की सेवा करते हैं.
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